केन्द्र सरकार ने चार वर्षों के लिए सात हजार दो सौ दस करोड रूपये के वित्तीय परिव्यय के साथ ई-कोर्ट मिशन मोड परियोजना के तीसरे चरण को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत ई-कोर्ट परियोजना वर्ष 2007 से ही लागू है।
सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नयी दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि ई-कोर्ट मिशन का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से आम जन तक न्याय सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जिनके पास प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की सुविधा नहीं है वह ई-सेवा केन्द्रों के माध्यम से न्यायिक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि ई-कोर्ट का उद्देश्य न्याय प्रणाली को ऑनलाइन और पेपर लेस बनाकर लोगों के लिए ज्यादा सुगम, किफायती और पारदर्शी बनाना है