उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जल प्रबंधन में हर नागरिक की भागीदारी पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन के साथ जनता को पानी और बिजली जैसे प्राकृतिक संसाधनों का भी सोच समझकर उपयोग करना होगा। श्री धनखड़ आज जयपुर में बांध सुरक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन के बाद संबोधित कर रहे थे। श्री धनखड़ ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को कोई अपनी मन मर्जी से खर्च नहीं कर सकते। उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश में दुनिया की 18 प्रतिशत आबादी है, लेकिन जल महज 4 प्रतिशत ही है, ऐसे में पानी और बिजली जैसे प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग बहुत सोच समझकर करना होगा। श्री धनखड़ ने कहा कि देश मे जल प्रबंधन और बांधों का पुराना इतिहास रहा है ओर ये हमारी संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चौल साम्रज्य के समय बनाये गए बांध आज भी उपयोग किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश मे बांधों की सुरक्षा के लिए बेहतरीन काम हो रहा है। श्री धनखड़ ने जल प्रबंधन के लिए जल की छोटी इकाइयों के संरक्षण और पुनर्विकास किये जाने की जरूरत पर जोर दिया। श्री धनखड़ ने राज्यों के बीच पानी के बंटवारे के विवादों को समाप्त करने पर जोर दिया।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि केंद्र सरकार ने बांधों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। देश मे बांध सुरक्षा कानून लाने के बाद देश के 6 हज़ार बांधों की वार्षिक ऑडिट होना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे बांधों की सुरक्षा के मामले में देश दुनिया मे प्रभावी भूमिका निभाएगा। गौरतलब है कि जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में 800 से ज्यादा देश विदेश के विशेषज्ञ, अकादमिक क्षेत्र के लोग तथा हितधारक भाग ले रहे हैं।
neww | September 14, 2023 2:10 PM | संशो0 उपराष्ट्रपति-बांध सुरक्षा सम्मेलन
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जल प्रबंधन में हर नागरिक की भागीदारी पर जोर दिया
