केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह ने कहा है कि एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड पहल में अनेक देशों ने शामिल होने की इच्छा जताई है और यह जल्दी ही हकीकत बन जाएगी। श्री सिंह ने इस संबंध में आयोजित "ट्रांसनेशनल ग्रिड इंटरकनेक्शन" सेमिनार में एक वीडियो संदेश में कहा कि अनेक देशों ने इस पहल को स्वीकार किया है तथा कई अन्य देशों के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र की अपनी ऊर्जा ग्रिड है लेकिन इन्हें जोड़ने की जरूरत है जिससे कि लोगों को इनसे अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि भारत के ग्रिड नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार से पहले से ही जुड़े हुए हैं जबकि श्रीलंका, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के साथ इस बारे में बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय समूह का गठन किया गया है, जो इस नई पहल के क्रियान्वयन के लिए मसौदा समझौते का अध्ययन कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रिड के आपस में जुड़ने के बाद किसी भी क्षेत्र को ऊर्जा संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे विश्व को नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रीय ग्रिड को एक साझा ग्रिड से जोड़ने का है। इसका इस्तेमाल नवीकरणीय ऊर्जा, विशेष रूप से सौर ऊर्जा हस्तांतरित करने के लिए किया जाएगा।