गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय आज अपना 67वां स्थापना दिवस मना रहा है। यह संगठन रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के अंतर्गत काम करता है। यह सशस्त्र बलों को शस्त्र, गोला बारूद, उपकरण और सामग्री की संपूर्ण विभिन्नता की आपूर्ति करता है। गुणवत्ता आश्वासन गतिविधियों के अलावा यह संगठन विकास परियोजनाओं में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन -डीआरडीओ के साथ मिलकर प्रतिस्थापन और सहयोगियों का आयात करता है। यह संघटकों और उपकरणों की विविधता कम करने के लिए प्रलेखन, वर्गीकरण और मानकीकरण गतिविधि को भी सुनिश्चित करता है।
किर्की में गोलाबारूद फैक्ट्री पर पहले निरीक्षणालय स्थापित किये जाने के समय 1869 में डीजीक्यूए की उत्पत्ति हुई थी। हालांकि यह संगठन अपने मौजूदा अवतरण में 1957 में आया, जब मेजर जनरल प्रताप नारायण 27 सितम्बर 1957 को पहले महानिदेशक के रूप में नियुक्त हुए थे। डीजीक्यूए के स्थापना दिवस के अवसर पर महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल आर. एस. रीन ने गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी हैं। आकाशवाणी से विशेष बातचीत में डीजीक्यूए के महानिदेशक ने बताया कि इस संगठन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण के अनुरूप कई कदम उठाए हैं।