बदरीनाथ धाम में पितृपक्ष के चलते श्राद्ध और तर्पण देने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। धाम के पास स्थित ब्रह्म कपाल तीर्थ में पित्रों के श्राद्ध के लिए रोजना देश- विदेश से 15 से 18 हजार तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। ब्रह्म कपाल पर पिंडदान और तर्पण देने से पित्रों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि बदरीनाथ धाम स्थित ब्रह्म कपाल में भगवान नारायण की कृपा से भगवान शिव को ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति मिली थी। कहते हैं कि ब्रह्मा जी का कटा हुआ शीश बदरीनाथ मंदिर के बायें ओर अलकनंदा नदी के तट पर गिर गया था। इसलिए इस स्थान को ब्रह्म कपाल के नाम से जाना जाता है। यहां हर साल लाखों की संख्या में तीर्थ यात्री अपने पितरों का तर्पण करने के लिए पहुंचते हैं।
neww | October 7, 2023 5:33 PM | UTTARAKHAND NEWS
चमोलीः पितृपक्ष के चलते श्राद्ध और तर्पण देने के लिए बदरीनाथ धाम पहुंच रहे श्रद्धालु
