चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में शुक्रवार को अभियंता (इंजीनियर्स) दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ . डी.के.वत्स ने दिग्गजों के समृद्ध योगदान को याद करते हुए कहा कि इंजीनियर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर यह दिन मनाया जाता है। उन्होंने इंजीनियरों से देश के महान इंजीनियर की दूरदर्शिता और गुणों को आत्मसात करने को कहा। उन्होंने कहा कि सर विश्वेश्वरैया को बांधों के निर्माण, सिंचाई प्रणाली विकसित करने, बाढ़ सुरक्षा प्रणाली, कृषि विश्वविद्यालय, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, आयरन एंड स्टील वर्क्स, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज आदि की स्थापना के लिए जाना जाता है और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने छात्रों से लीक से हटकर सोचने और आधुनिक खेती के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त ट्रैक्टर जैसी नई तकनीकों का उपयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि इंजीनियर कई समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने आपदा प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे और पहाड़ों में सड़कों आदि जैसे मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के इंजीनियरों की सराहना की जिन्होंने सभी गांवों को विद्युतीकृत करने जैसे उल्लेखनीय इंजीनियरिंग चमत्कार किए हैं। उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे गांव कोमिक में भी विद्युतीकरण किया, दुनिया में सबसे ऊंचाई पर बिजली घर रोंग टोंग और पहला भूमिगत बिजली घर भाभा स्थापित किया। डॉ. डी.के.वत्स ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मार्च 2026 तक पहला हरित ऊर्जा राज्य बनाने में इंजीनियर प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
समारोह में कृषि अभियंता विभाग और संपदा संगठन के इंजीनियरों ने भाग लिया। संपदा अधिकारी इंजीनियर विजय प्रेमी ने भी अपने विचार व्यक्त किये।