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जी20 देशों का 18वां शिखर सम्‍मेलन नई दिल्‍ली में जारी

जी20 देशों का 18वां शिखर सम्‍मेलन आज नई दिल्‍ली में शुरू हुआ। इसके प्रथम सत्र में अफ्रीकी संघ को समूह का स्‍थाई सदस्‍य बनाया गया। उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अफ्रीकी संघ के अध्‍यक्ष अजाली असोमनी को स्‍थाई सदस्‍य के रूप में स्‍थान ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया। भारत ने सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ अफ्रीकी संघ को जी20 का स्‍थाई सदस्‍य बनाने का प्रस्‍ताव किया था। एक पृथ्‍वी, के नाम से आयोजित पहले सत्र को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत की जी20 अध्‍यक्षता देश के भीतर और बाहर समावेशी भावनाओं का प्रतीक बन गई है। उन्‍होंने कहा जी20 भारत में अब जन सामान्‍य का संगठन बन गया है और करोड़ों लोग इससे जुड गए हैं।

भारत ने आज दुनिया का आवाहन किया कि वह अविश्‍वास को विश्‍वास में बदलने का काम करे। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि सबके आगे बढ़ने का समय है। उन्‍होंने कहा कि चाहे खाद्य और ईंधन प्रबंधन हो, आतंकवाद हो, साइबर सुरक्षा हो, स्‍वास्‍थ्‍य ऊर्जा या जल सुरक्षा हो, हमें भावी पीढ़ियों के लिए ठोस समाधान ढूंढना होगा। श्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी दुनिया को नई दिशा देने का महत्‍वपूर्ण समय है। उन्‍होंने कहा कि दुनिया ऐसे समय में जी रही है जब सदियों पुरानी समस्‍याएं समाधान मांग रही है और ऐसे समय में हमें अपने दायित्‍वों को मानव केन्द्रित दृष्टिकोण के साथ निभाना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा यदि दुनिया कोविड-19 को पराजित कर सकती है तो युद्ध के कारण पैदा हुई विश्‍वास की कमी के संकट पर भी जीत हासिल कर सकती है।

श्री मोदी ने मोरक्‍को में भूंकप से जान-माल की व्‍यापक क्षति पर शोक व्‍यक्‍त किया। उन्‍होंने घायलों के शीघ्र स्‍वस्‍थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस कठिन घड़ी में मोरक्‍को को हर सम्‍भव सहायता देने के लिए तैयार है। इस बीच एक परिवार, नाम से सम्‍मेलन का दूसरा सत्र जारी है।

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