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दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर कार्यक्रम का आयोजन

 
दिल्ली विश्वविद्यालय में आज शिक्षक दिवस के अवसर पर 'राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका' विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने संबोधन में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन की गैर राजनीतिक घटनाओं का जिक्र करते हुए अनेकों किस्से साझा किए।
 
उन्होंने शिक्षक के पद को महत्वपूर्ण बताते हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को भी याद किया जिन्होंने राष्ट्रपति पद से निवृति के पश्चात शिक्षण कार्य को महत्व दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि पढ़ने की आदत ही वास्तव में व्यक्ति को शिक्षक बनाती है। कुलपति ने उपस्थित शिक्षकों से आह्वान किया कि वे साल में कम से कम 12 पुस्तकें जरूर पढ़ें। उन्होंने कहा कि शिक्षक के लिए स्वाध्याय जरूरी है। उन्होने विद्यार्थियों से भी अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ने का आह्वान किया।
   
इस कार्यक्रम को राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह सुरेश भैय्याजी जोशी ने भी संबोधित किया।

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