जी-20 शिखर सम्मेलन के परिणामों की प्रगति की एक उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने जी-20 शेरपा अमिताभ कांत, विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा और आर्थिक कार्य विभाग के सचिव अजय सेठ के साथ जी-20 के मुख्य बिन्दुओं के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की।
डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों से आगामी जी-20 वर्चुअल शिखर सम्मेलन की तैयारी करने को कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महीने नई दिल्ली में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान इसे नवंबर में आयोजित करने की घोषणा की थी। ब्राज़ील दिसंबर में भारत से जी20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा।
श्री मिश्रा ने कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन केवल आयोजन भर नहीं रहा बल्कि भारत की अध्यक्षता में इसमें कई ठोस निर्णय लिए गए। अब इनके अनुपालन पर निगरानी रखी जा रही है। विभिन्न कार्य समूहों का नेतृत्व करने वाले संबंधित मंत्रालयों को क्षेत्र-विशेष के निर्णय लागू करने का काम सौंपा जा रहा है। इनके क्रियान्यवन पर एक उच्च स्तरीय निगरानी समूह भी गठित की जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि जी-20 सचिवालय, आर्थिक कार्य विभाग और विदेश मंत्रालय जी-20 वर्चुअल सम्मेलन के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। डॉ. मिश्रा ने सभी मंत्रालयों को घोषणापत्र तथा मंत्रिस्तरीय और कार्य समूह की बैठकों में लिए गए निर्णयों सहित सभी दायित्वों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित पक्षों के साथ मंत्रालयों को वेबिनार आयोजित करने और इस प्रक्रिया में राज्य सरकारों और विचार मंचों को भी शामिल करने को कहा।
डॉ मिश्रा ने कहा कि भारत का समर्थन विशेष तौर पर अफ्रीकी संघ और सामान्य रूप से विकासशील देशों के लिए सभी कार्यों में जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफ़्रीकी संघ से सहयोग के बारे में एक कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता है।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि विदेश मंत्रालय का ध्यान दूसरे वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट के आयोजन पर केन्द्रित है जो प्रधानमंत्री की प्राथमिकता है। भारत की अध्यक्षता में जी-20 की अभूतपूर्व उपलब्धियों में विकासशील देशों के प्रति वैश्विक समर्थन और इसके प्रति भारतीय पक्षधरता उल्लेखनीय रही है।