प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आकांक्षी प्रखण्ड कार्यक्रम का लक्ष्य ब्लॉक स्तर पर नागरिकों के जीवन स्तर को और बेहतर बनाना है। आज नई दिल्ली में भारत मंडपम में संकल्प सप्ताह का शुभारंभ करते हुए श्री मोदी ने कहा कि आकांक्षी प्रखण्ड कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन में सुधार लाकर देश के 329 जिलों के पांच सौ आकांक्षी प्रखण्डों में रह रहे लोगों का जीवन स्तर बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में अब तक के शीर्ष 10 कार्यक्रमों में से आकांक्षी जिला कार्यक्रम देश के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम से देश के 112 जिलों में पच्चीस करोड़ से ज्यादा लोगों के जीवन में बदलाव आया है। इसके पांच वर्ष पूरे हो चुके है और यह कुशल प्रशासन का सशक्त उदाहरण बन चुका है। इस कार्यक्रम ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशासन की कुशलता पर ध्यान दिया जाए तो चुनौती पूर्ण लक्ष्यों को भी हासिल किया जा सकता है। श्री मोदी ने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता आकांक्षी प्रखण्ड कार्यक्रम के लिए सुदृढ आधार बनेगी।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित विभिन्न विभागों के सचिवों से आग्रह किया कि वे सभी राज्यों और उनके पिछडे जिलों के तेज विकास के लिए काम करें। उन्होंने सचिवों से कहा कि वे अपने विभागों के स्तर पर देश भर में 100 ऐसे प्रखंडों की पहचान करें, जो विकास प्रक्रिया में पिछड गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब ऐसे प्रखंड विकास के स्तर पर आगे निकल जाएंगे तो विकास का पैमाना भी बदल जाएगा। उन्होंने इस मामले में राज्यों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि 100 सबसे पिछडे गांवों की पहचान कर उन्हें विकसित किया जाना चाहिए, ताकि वे अगले एक हजार गांवों के विकास का मॉडल बन सकें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी में समस्याओं के समाधान की अपार क्षमता है। उन्होंने कहा कि 112 आकांक्षी जिले अब प्रेरक जिले बन गए हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मेघालय के प्रखंड स्तर के अधिकारियों से संवाद किया। हमारे संवाददाता ने बताया है कि भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में लगभग तीन हजार पंचायत और प्रखण्ड स्तर के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। किसानों और समाज के अन्य वर्गों के लगभग 2 लाख लोगों ने भी वर्चुअल माध्यम से इसमें भाग लिया। संकल्प सप्ताह आकांक्षी प्रखण्ड कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष 7 जनवरी को इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ किया था।