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बम्‍बई उच्‍च न्‍यायालय ने महाराष्‍ट्र सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सार्वजनिक अस्‍पतालों में डॉक्‍टरों और पैरामेडिकल स्‍टाफ का कोई पद रिक्‍त न रहे

बम्‍बई उच्‍च न्‍यायालय ने महाराष्‍ट्र सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सार्वजनिक अस्‍पतालों में डॉक्‍टरों और पैरामेडिकल स्‍टाफ का कोई पद रिक्‍त नहीं है। मुख्‍य न्‍यायाधीश डी0 के0 उपाध्‍याय और न्‍यायमूर्ति आरिफ डॉक्‍टर की खंडपीठ ने राज्‍य से महाराष्‍ट्र चिकित्‍सा सामग्री खरीद अधिनियम के अन्‍तर्गत दो सप्‍ताह के भीतर मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी नियुक्‍त करने का निर्देश दिया है।

न्‍यायालय महाराष्‍ट्र के नांदेड और छत्रपति संभाजी नगर जिलों के दो सरकारी अस्‍पतालों में दो दिन के अन्‍दर 50 से अधिक लोगों की कथित मौत का स्‍वत: संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई कर रहा है।

राज्‍य सरकार के महाधिवक्‍ता बीरेन्‍द्र सराफ ने कहा है कि इन अस्‍पतालों में लाये गये अधिकांश मरीज अत्‍यंत गम्‍भीर हालत में थे। उन्‍होंने कहा कि अस्‍पतालों में सभी आवश्‍यक दवाएं और उपकरण उपलब्‍ध थे। न्‍यायालय ने इस पर असंतोष व्‍यक्‍त करते हुए सरकार से पूछा है कि उसके पास सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल को मजबूत करने के लिए क्‍या योजना है। न्‍यायालय ने सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य विभाग तथा चिकित्‍सा शिक्षा और औषधि विभाग के प्रधान सचिवों से सभी सरकारी अस्‍पतालों में स्‍वीकृत पदों तथा इन पदों पर भरी गई रिक्तियों की जानकारी देने के लिए हलफनामा दायर करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्‍टूबर को होगी।

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