बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज कहा कि भाषाओं के साथ विभिन्न बोलियों को सह अस्तित्व की भावना के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। पटना में प्रभा खेतान फाउंडेशन की ओर से आयोजित आखर बिहार कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए श्री आर्लेकर ने कहा कि बोलियों को आगे बढ़ाने से भाषाओं को भी समृद्ध बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि देश में अनेक भाषाएँ हैं और उनकी विशेषता बनी रहनी चाहिए। अपनी भाषा में कामकाज होने पर सामान्य जन इसे आसानी से समझ सकते हैं।
राज्यपाल ने बच्चों में पुस्तक पढ़ने की भावना विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों में इस बात को स्थापित करना होगा की पुस्तक हमारे मित्र, मार्गदर्शक और दार्शनिक हैं।