बिहार में डाक विभाग अपनी लॉजिस्टिक सेवाओं को लगातार विस्तार दे रहा है। इसके तहत विभाग ने राज्य के छोटे उत्पादकों, कलाकारों और शिल्पियों के उत्पादों की पहुंच विदेशों तक बढ़ाने के लिए डाक निर्यात केंद्रों की शुरुआत की है। बिहार सर्किल के पोस्ट मास्टर जनरल परिमल सिन्हा ने आकाशवाणी समाचार को बताया कि अभी मुजफ्फरपुर, पटना, भागलपुर, गया, कटिहार के अलावा राज्य में 44 छोटे बड़े डाकघरों में यह सुविधा उपलब्ध है। श्री सिन्हा ने बताया कि विदेश व्यापार महानिदेशालय की मदद से इसे संचालित किया जा रहा है। यह छोटे शिल्पियों और कारीगरों के लिए काफी सस्ती सेवा है जो सीमा शुल्क संबंधी यानी कस्टम संबंधी क्लीयरेंस भी उपलब्ध कराता है। पोस्ट मास्टर जनरल ने बताया कि विदेशों में सामान निर्यात करने के लिए डाक विभाग पैकेजिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराता है। इसके लिए डाकघरों में विशेष काउंटर उपलब्ध हैं। श्री सिन्हा ने कहा कि डाकघर का नेटवर्क विभाग की सबसे बड़ी ताकत है। मुख्य और उप डाकघरों की संख्या 1076 जबकि ग्रामीण डाकघरों की संख्या 8 हजार 200 से अधिक है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी ग्रामीण इलाकों वाले कोर बैंकिंग डाकघरों में इंटरनेट और नेटवर्क संबंधी समस्या के निदान के तौर पर विभाग ने एंड्रायड मोबाइल एप की शुरुआत की है। इससे लोगों को तत्पर सेवा मिलेगी।
बिहार में डाक विभाग अपनी लॉजिस्टिक सेवाओं को लगातार विस्तार दे रहा है
