बिहार सरकार ने ग्रामीण इलाकों के बाद शहरी नगर निकाय क्षेत्रों में भी महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों यानी जीविका के गठन का निर्णय किया है। जीविका के माध्यम से सरकार पूरे प्रदेश में पहले से बहुउद्देशीय कार्य करा रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में इससे रोजगार मिलने के साथ महिलाओं के आय में भी बढ़ोतरी हुई है। इसी मॉडल को शहरी निकायों में अपनाया जा रहा है। जीविका के अंतर्गत रोजगार प्रशिक्षण के अलावा स्कूलों की निगरानी, अस्पतालों और स्कूलों में रसोई के संचालन जैसे कई कार्य किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में नगर निकायों में जीविका समूह के गठन को मंजूरी दी गई। इसके तहत नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और जिला परिषदों में महिला समूहों का गठन होगा। इससे संस्थागत विकास, रोजगार के कार्यक्रम और सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या 1 करोड़ 30 लाख से अधिक है।