केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आदित्य एल-1 अंतरिक्षयान के सफल प्रक्षेपण पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा है कि भारतीय वैज्ञानिकों के लिए संभावनाओं का आकाश अनन्त है।
श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से पीएसएलवी सी-57 रॉकेट के जरिए आदित्य एल-1 के प्रक्षेपण पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि दुनिया भारत की नई उपलब्धियों को विस्मय के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष उद्योग की विशाल क्षमता को पहचाना है और अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई साहसिक कदम उठाए है।
14 सौ 80 किलोग्राम वजनी आदित्य एल-1 में सात पेलोड हैं यह सूर्य की बाहरी परतों के साथ ही उसके क्रोमोस्फीयर में होने वाली हलचलों का अध्ययन करेगा।
आदित्य एल-1 मिशन की परियोजना निदेशक निगार शाजी ने कहा कि यह एक सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि आदित्य एल-1 को निर्धारित कक्षा की ओर भेज दिया गया है और उसके सौर पैनलों को बिना किसी रूकावट के खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि आदित्य एल-1 को अपने निर्धारित स्थान तक पहुंचने में 125 दिनों की लंबी यात्रा तय करनी पड़ेगी।
इसरो के अध्यक्ष सोमनाथ ने कहा कि आज का सौर मिशन बेहद गर्व की अनुभूति कराता है।