केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पिछले 9 वर्षों में भारत ने विश्व में अपनी प्रासांगिकता बनाये रखी है और वह विश्व का नेतृत्व कर रहा है। नई दिल्ली में आज अन्तर्राष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, आतंकवाद, और नार्को-आतंकवाद जैसे मुद्दों से निपटने में भारत विश्व का नेतृत्व कर रहा है और अब हम विश्व की पांचवीं सबसे बडी अर्थव्यवस्था बन गये हैं।
श्री शाह ने कहा कि दो दिन के इस सम्मेलन के दौरान आयोजित किये गये तकनीकी सत्र भारत जैसे तेजी से विकसित होते हुए देश के लिए बहुत ही प्रासंगिक और आवश्यक हैं। हाल ही में सम्पन्न हुई जी-20 शिखर बैठक के बाद यह सम्मेलन बहुत ही उपयुक्त समय पर आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि संसद, आपराधिक न्याय प्रणाली के तीन मुख्य कानूनों में बदलाव करने जा रही है। गृह मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार मध्यस्थता कानून और जन विश्वास विधेयक सहित कई सुधार लायी है। श्री शाह ने कहा कि इन कानूनों से न्यायपालिका का भार कम होगा।
गृह मंत्री ने विधि क्षेत्र से जुड़ी 5 हस्तियों को विधि रत्न पुरस्कार प्रदान किये। इनमें के. परसरन, फाली एस. नारीमन और के. वेणुगोपाल शामिल हैं। राम जेठमलानी और सोली एस. सोराबजी को यह पुरस्कार मरणोपरान्त दिये गये।