केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने आज कहा है कि भारत में हरित हाइड्रोजन के मामले में विश्व का नेतृत्व करने की बडी क्षमता है। हरित हाइड्रोजन से संबंधित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को हरित हाइड्रोजन का केन्द्र बनाने के लिए व्यापक व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है, इसलिए यहां ऊर्जा की खपत भी तेजी से बढ़ रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देश में ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हरित हाइड्रोजन मिशन एक प्रमुख कदम है। श्री आर के सिंह ने कहा कि भारत का लक्ष्य न केवल अपने देश में ऊर्जा की मांग को पूरा करना है, बल्कि विश्व के लिए हरित हाइड्रोजन का निर्यातक बनना भी है। उन्होंने बताया कि भारत की ऊर्जा खपत में 21 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जिससे देश में विकास का स्पष्ट संकेत मिलता है।
हरित हाइड्रोजन से संबंधित एक दिन के सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम ने किया है। नई दिल्ली में 18वें जी-20 शिखर सम्मेलन के सिलसिले में यह आयोजन किया गया है। इस दौरान नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव भूपिन्दर एस भल्ला ने कहा कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव का दूरगामी कदम है और इससे जीवाश्म ईंधन संसाधनों पर देश की निर्भरता घटाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हरित हाइड्रोजन मिशन के लिए बीस हजार करोड़ रुपये की रकम निर्धारित की है, इसमें से 14 हजार 66 करोड़ रुपये पायलट परियोजनाओं के लिए अलग रखे गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं से मिले आंकड़ों से इस मिशन को आगे बढ़ाने और इससे जुड़ी प्रौद्योगिकी के व्यापारिक उपयोग में मदद मिलेगी।
neww | September 5, 2023 1:20 PM | नया ग्रीन हाइड्रोजन - भारत
भारत में हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने की बड़ी क्षमता है : केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह
