मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 नवम्बर तक का समय संचारी रोगों के फैलने की दृष्टि से संवेदनशील है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। श्री योगी ने आज लखनऊ में 1 उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय बैठक में संचारी रोगों की स्थिति की समीक्षा के दौरान डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों पर काबू पाने के लिए सरकारी उपायों के साथ-साथ जन-सहभागिता भी जरूरी है, ताकि लोगों में इन बीमारियों के प्रति जागरूकता भी पैदा की जा सके। मुख्यमंत्री ने संचारी रोगों के प्रभावी नियंत्रण के क्रम में राज्य के सभी जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 1-1 नोडल अधिकारी बनाए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में नए रोगियों की नियमित रूप से रिर्पोटिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 4 दशकों से जानलेवा बनी जापानी इंसेफ्लाइटिस पर पिछले 5 वर्षों के दौरान काबू पा लिया गया है। अब सरकार का अगला लक्ष्य इस बीमारी का उन्मूलन होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 नवम्बर तक का समय संचारी रोगों के फैलने की दृष्टि से संवेदनशील है। इसलिए अभी से इस पर नियंत्रण के लिए अभियान के रूप में काम शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानपुर नगर, प्रयागराज, बाराबंकी, कुशीनगर, संतकबीरनगर, सहारनपुर और बस्ती जिले चिकनगुनिया की दृष्टि से संवेदनशील हैं। जबकि बुलंदशहर और संभल में डेंगू आउट ब्रेक के हालात देखे गए हैं। वहीं बरेली, सीतापुर और हरदोई सहित कई जिलों में मलेरिया का असर रहा है। इन जनपदों में विषेश सतर्कता बरतने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में लम्पी रोग के फैलाव को रोकने के लिए मिशन मोड में काम करने का निर्देश भी दिया है। उन्होंने कहा है कि फिलहाल पशु मेलों के आयोजन स्थगित रखे जाएं और अंतर्राज्जीय पशु परिवहन पर पाबंदी रहे। श्री योगी ने कहा कि लम्पी वायरस से बचाव के लिए पशु टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने बेसहारा गोवंश स्थलों और गोवंश सेवा कर रहे परिवारों को गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रूपये प्रति गोवंश रोजाना दिए जाने का निर्देश दिया है। इससे पहले गोवंश सेवा के लिए यह राशि 30 रूपये प्रति गोवंश मिल रही थी।