मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 21 सितंबर, गुरुवार को आदिगुरु शंकराचार्य की ज्ञान स्थली ओंकारेश्वर में शंकरावतरणं कार्यक्रम में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण के साथ “अद्वैत लोक“ का शिलान्यास भी करेंगे। “अद्वैत लोक“ संग्रहालय नर्मदा व कावेरी की पुण्य सरिताओं की ओर मुख किए ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर स्थित है। इसमें भारतवर्ष की मनोरम, समृद्ध व समस्त विश्व के पुरातत्वविदों के लिए प्राचीन काल से अचंभा का विषय रही भारतीय स्थापत्य कला का अनुभव कर पाएंगे।
एकात्म धाम की स्थापत्य शैली, विविध क्षेत्रों के स्थापत्य कलाओं की पुरातात्त्विक शैली से प्रेरित होगी। धाम में मंदिर का निर्माण वास्तुकला की नागर शैली में किया जाएगा, साथ ही पारंपारिक वास्तुशिल्प तत्त्वों जैसे स्तम्भ, छत्तरियों का भी उपयोग किया जाएगा। अद्वैत लोक की निर्मिति सामग्री कुशल कारीगरों द्वारा तैयार होगी। इसमें ठोस पत्थर की चिनाई, पाषाण की सहायता से निर्मित कारीगरी भी देखने को मिलेगी। मुख्य रूप से आचार्य शंकर के जीवन प्रसंगों को भित्ति-चित्रों, मूर्तियों के माध्यम से चित्रित किया जाएगा।