स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डाॅ. धनीराम शांडिल ने कहा कि मेले एवं त्यौहार हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं और इन्हें सहेज कर रखना हम सब का नैतिक कर्तव्य है। डॉ. शांडिल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत ओच्छघाट में आयोजित छिंज मेले को संबोधित कर रहे थे। डाॅ. शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि मेले प्राचीन समय से ही मिलने-जुलने का केन्द्र रहे हैं। मेले देश की एकता और अखण्डता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि स्थानीय स्तर पर आयोजित किए जा रहे मेलों की परम्परा को टूटने न दें। उन्होंने कहा कि मेले एवं त्यौहार युवा पीढ़ी को इतिहास एवं संस्कृति की जानकारी देने का साधन भी है। उन्होंने कहा कि मेले ठोड़ा, कुश्ती एवं कबड्डी जैसे पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देने में भी सहायक रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेलों के माध्यम से जहां समाज में समरसता व सौहार्द बढ़ता है, वहीं भाईचारे की भावना को भी बल मिलता है। आज के इस दौर में मेलों के महत्व को बनाकर रखना बड़ी चुनौती है, इसके बावजूद प्रदेश के लोगों ने अपनी प्राचीन परम्पराओं को संजोकर रखा है, जोकि खुशी की बात है। श्रम एवं रोजगार मंत्री ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में पहली बार इतनी बड़ी आपदा आई है। इस विकट परिस्थिति में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी क्षमता से बढ़कर अपने संचित धन से 51 लख रुपए की राशि आपदा राहतकोष में अंशदान के रूप में दान देकर अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सभी अपनी क्षमता अनुसार आपदा राहत कोष में धनराशि दान दें ताकि आपदा प्रभावित लोगों को राहत प्रदान की जा सके।
इससे पूर्व जिला परिषद सदस्य मनोज वर्मा, जोगेंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा तथा खंड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत प्रधान पूनम शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा क्षेत्र की समस्याओं से अवगत करवाया। मेले के दौरान कबड्डी प्रतियोगिता, कुश्ती तथा स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गए। कबड्डी प्रतियोगिता में 16 टीमों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि द्वारा विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। माँ भगवती मेला समिति ओच्छघाट ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 हजार रुपए की राशि का चेक दान दिया।