रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत हमेशा सुरक्षा और समृद्धि के साझा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुक्त, खुले, समावेशी और नियम-आधारित हिन्द प्रशान्त क्षेत्र के पक्ष में रहा है। नई दिल्ली में आज हिन्द प्रशान्त सैन्य प्रमुखों के सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र के लिए भारत का दृष्टिकोण पूर्वी देशों के लिए अपनी नीति से परिभाषित होता है। उन्होंने कहा कि मित्र देशों के साथ मजबूत सैन्य साझेदारी के निर्माण के भारत के प्रयासों से यह स्पष्ट है कि भारत की प्रतिबद्धता न केवल अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए है बल्कि महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भी है जिनका सामना सभी कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हिन्द प्रशान्त क्षेत्र महत्वपूर्ण भू-राजनैतिक और सामरिक सिद्धान्त के रूप में उभरा है। हाल के वर्षों में इसमें प्राथमिक तौर पर समुद्री सुरक्षा से व्यापक सामरिक ढांचे के रूप में बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव आर्थिक और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में विकसित हो रही गतिशीलता को रेखांकित करता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षा मामलों ने हिन्द प्रशान्त क्षेत्र का सामरिक महत्व बढ़ा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह क्षेत्र सीमा संबंधी विवाद और समुद्री डकैतियों के साथ सुरक्षा की जटिल चुनौतियों का सामना कर रहा है।
इस अवसर पर भारतीय थल सेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने कहा कि हिन्द प्रशान्त क्षेत्र को लेकर भारत का दृष्टिकोण सभी राष्ट्रों की सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखण्डता के आदर पर जोर देता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सुरक्षा, संपर्क और आर्थिक मामलों में सहयोग अपेक्षित है। जनरल पांडे ने कहा कि तेरहवें हिन्द प्रशान्त सैन्य प्रमुख सम्मेलन में सर्वाधिक तीस देशों ने भाग लिया है जो इस क्षेत्र में मिलजुल कर सहयोग की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है।
अमरीकी थल सेना के चीफ ऑफ स्टॉफ जनरल रैन्डी जार्ज ने कहा कि भारत और अमरीका की सेनाओं की साझेदारी हिन्द प्रशान्त क्षेत्र में स्थिरता के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंध मजबूत होते जा रहे हैं और भारत इस क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका में है।
भारत और अमरीका की थल सेनाएं मिलकर तेरहवें हिन्द प्रशान्त सैन्य प्रमुख सम्मेलन की मेजबानी कर रही हैं। दो दिन के इस सम्मेलन में इस क्षेत्र के सैन्य प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षा और समसामयिक मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिल रहा है। इस मंच का उद्देश्य आपसी समझदारी, बातचीत और मित्रता के माध्यम से हिन्द प्रशान्त क्षेत्र में शान्ति और स्थिरता को बढ़ावा देना है।
neww | September 26, 2023 12:07 PM | राजनाथ-भारत-अमरीका सेना
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- भारत हमेशा सुरक्षा और समृद्धि के साझा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुक्त, खुले, समावेशी और नियम-आधारित हिन्द प्रशान्त क्षेत्र के पक्ष में रहा है
