छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के तहत डिजिटल फाइनेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली और दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने वाली पंद्रह बीसी सखियों को आज रायपुर में सम्मानित किया गया। इस मौके पर बीसी सखियों की सफलता की कहानियों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इसके अलावा स्व-सहायता समूहों में डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने बैंकों द्वारा शुरू की गई दोहरी प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बारह बैंकर्स का भी सम्मान किया गया।
इससे पहले, कल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान की लखपति दीदियों के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में केन्द्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह वर्चुअल शामिल हुए। इसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी देशभर की महिलाएं, स्टॉफ और अधिकारी भी वर्चुअल रूप से जुड़ें। सम्मलेन में छत्तीसगढ़ की दो महिलाएं – दंतेवाड़ा जिले के गीदम की जानकी यादव और बस्तर जिले की नैना की कहानी साझा की गई। जानकी यादव मछलीपालन और सब्जियों की खेती कर लखपति बनी हैं। वह हर महीने बीस हजार रूपए कमा रही हैं। वहीं, श्रीमती नैना खेती के साथ पशुपालन और मछलीपालन भी करती हैं। इससे उन्हें हर वर्ष एक लाख चालीस हजार रुपए की आमदनी हो रही है।