राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के विशेष सत्र में दोनों सदनों से पारित महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दे दी है। केन्द्र सरकार ने अधिनियम के लिए एक गजट अधिसूचना जारी की है, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी कहा जा रहा है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब ये विधेयक कानून बन गया है।
कानून में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं तथा दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए मौजूद कोटे के अन्दर इन जातियों की महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण भी दिया गया है।