राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज आयुष्मान भव: अभियान का शुभारंभ किया है। इसका उद्देश्य सभी लोगों को व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। राष्ट्रपति ने गांधी नगर में राजभवन से विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के इस अभियान की शुरुआत की। आयुष्मान भव: अभियान देशभर में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की पहल है। इसका उद्देश्य प्रत्येक गांव और शहर में हर किसी को संपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी गांव या क्षेत्र ऐसा न हो जो स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहे। उन्होंने कहा कि हमारे देश में यह प्रार्थना करने की परंपरा है कि सभी लोग स्वस्थ और निरोग रहें। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि स्वस्थ भारत का हमारा सपना तभी साकार हो सकेगा जब सभी लोग स्वस्थ रहेंगे। उन्होंने आयुष्मान सभाओं की सराहना करते हुए कहा कि आम लोगों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से लोगों को संचारी रोगों और टीबी तथा सिकल शेल जैसी बीमारियों से बचने के लिए जागरूक किया जा सकेगा। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि स्वस्थ बच्चे, स्वस्थ राष्ट्र के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ 18 वर्ष तक के स्कूल जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच का कार्यक्रम अत्यन्त उपयोगी होगा।
आयुष्मान भव: अभियान प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा पखवाड़ा में लागू किया जाएगा। यह अभियान संपूर्ण राष्ट्र और संपूर्ण समाज को साथ लेकर चलने के दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें सरकारी क्षेत्र, नागरिक संगठनों और समुदायों को सामूहिक मिशन के अंतर्गत एक साथ जोड़ा जा रहा है ताकि हर व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। आयुष्मान भव: अभियान ग्राम पंचायत की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग, अन्य सरकारी विभागों और शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय निर्वाचित निकायों के बीच तालमेल से चलाया जाने वाला सामूहिक प्रयास है। इस अभियान के तीन भाग हैं- आयुष्मान आपके द्वार 3.0, स्वास्थ्य और वेलनेस केंद्रों पर आयुष्मान मेला और हर गांव, हर पंचायत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान सभा।