राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि संसाधनों के प्रबंधन में कॉरपोरेट जगत की भूमिका ट्रस्टीशिप की होनी चाहिए। नई दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के 55वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे आर्थिक विकास की बात हो या सामाजिक विकास की हम सभी क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के कॉर्पोरेट प्रशासन का भविष्य कंपनी सचिवों की इच्छाशक्ति और कार्यों पर निर्भर करता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि कंपनी सचिवों को यह याद रखना चाहिए कि उनकी निष्ठा किसी कंपनी के अधिकारी या पेशेवर के रूप में केवल कानूनी कार्य करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनका कर्तव्य देश के हर उस नागरिक के प्रति भी है जो विकास यात्रा में पीछे छूट गया है। उन्होंने कहा कि सेवा की भावना ही उनका मूल मंत्र होना चाहिए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि कॉरपोरेट और निजी क्षेत्रों की जिम्मेदारी न केवल अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करना है, बल्कि सामाजिक विकास और न्याय को भी अपना लक्ष्य बनाना है।