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शांति स्वरूप भटनागर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुए प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कल नई दिल्ली में प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को शांति स्वरूप भटनागर राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक लिखित संदेश में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार के सभी विजेताओं को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने 82वें सीएसआईआर स्थापना दिवस की सफलता के लिए वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) से जुड़े सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि सदियों से विज्ञान ने कठिन समस्याओं का समाधान करने और नई संभावनाएं तलाशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने चिकित्सा, संचार, अंतरिक्ष, परिवहन, बुनियादी ढांचे, कृषि और ज्ञान सहित हर क्षेत्र के बदलाव में काफी मदद की है।

 इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत न केवल सामाजिक आर्थिक विकास बल्कि वैश्विक स्थिति के प्रति राष्ट्रीय आकांक्षाओं को संबोधित करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने और संगठित करने के तरीके में बड़े बदलाव देखा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में, सीएसआईआर भारत को एक वैश्विक तकनीकी-केंद्र बनाने के लिए अमृत काल में विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसटीआई) यात्रा का मुख्य आधार बन सकता है।

  वैज्ञानिक तथा औद्य़ोगिकी अनुसंधान विभाग के सचिव और सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. एन. कलाइसेल्वी ने कहा कि आने वाले दिनों में सीएसआईआर अपने क्षेत्र का विस्तार करेगा। सीएसआईआर विजन 2030 की घोषणा के बाद सीएसआईआर अपना शताब्दी वर्ष मनाने के लिए विस्तृत सीएसआईआर विजन 2042 का शुभारंभ भी जल्द करेगा।

    अंतरिक्ष विभाग के सचिव और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष डॉ. एस सोमनाथ ने कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब व्यापक स्तर पर सामाजिक लाभ के लिए किया जा रहा है। उन्होंने एक संक्षिप्त प्रस्तुति के जरिये भारत के अंतरिक्ष अभियानों के दृष्टिकोण की रूपरेखा भी दी।

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