संसदीय राजभाषा समिति की दूसरी उपसमिति इन दिनों धर्मशाला में विभिन्न कार्यालयों का राजभाषाई निरीक्षण कर रही है। वीरवार को उक्त उपसमिति के सदस्यों से केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने शिष्टाचार भेंट की। उपसमिति ने विश्वविद्यालय के अद्यतन शैक्षणिक कार्यकलापों के बारे में चर्चा-परिचर्चा की। वहीं हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समस्त प्रावधानों के अनुपालन में अग्रणी भूमिका के लिए विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए भावी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए शुभकामनाएं दीं। माननीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में गठित माननीय संसदीय राजभाषा समिति, जो राजभाषा विषय पर संसद की स्थायी समिति है, में 20 लोकसभा सदस्य और 10 राज्य सभा सदस्य होते हैं। यह समिति 3 उपसमितियों (पहली, दूसरी और तीसरी) में विभाजित है और प्रत्येक उपसमिति के अंतर्गत कुछ मंत्रालय और उनकी संस्थाएं आती हैं। धर्मशाला के दौरे पर आई उपसमिति में माननीय संयोजक प्रो. रीता बहुगुणा जोशी, सांसद लोकसभा; माननीय सदस्य रंजनबेन भट्ट, सांसद लोकसभा; माननीय सदस्य संगीता यादव, सांसद राज्य सभा तथा संसदीय राजभाषा समिति के अधिकारीगण शामिल हैं।
वीरवार को केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल, कुलसचिव प्रो. विशाल सूद, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुमन शर्मा तथा विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों ने उपसमिति के सदस्यों को पारंपरिक तौर पर कुल्लू शॉल तथा हिमाचली टोपी से सम्मानित किया तथा उन्होंने माननीय सदस्यों को विश्वविद्यालय की पत्रिका धौलाधार संदेश की प्रति भेंट की। इस मौके पर उपसमिति में माननीय संयोजक प्रो. रीता बहुगुणा ने विश्वविद्यालय में राजभाषा हिंदी के प्रति समर्पण एवं अधिकाधिक कार्य हिंदी में किए जाने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बंसल तथा उनकी समस्त टीम की सराहना की।