श्रद्धेय श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के उपलक्ष पर बोलते हुए डॉ. राजीव बिन्दल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी एक युग पुरूष हैं। युगों में ही कोई ऐसा महान पुरूष पैदा होता है, जो बहुआयामी प्रतिभा का धनी हो, जो एक-साथ देश के अनेक पहलुओं पर विचार कर सकता हो, न केवल विचारक हो अपितु उन विचारों को हो। पूरा करने की योजना भी बना सकता हो और उन्हें कार्यान्वित करने की क्षमता रखता ऐसे हैं हमारे श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी
• पारिवारिक जीवन में माता-पिता के प्रति सम्पूर्ण निष्ठा, शुद्ध एवं पवित्र पारिवारिक जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन।
• देश में भ्रमण करते हुए देश की आत्मा को समझा व जाना और उसे अनुभूत किया तथा उसके आधार पर अपने विचारों की श्रृंखला का निर्माण किया।
• सामाजिक जीवन में एक तपस्वी व्यक्तित्व, एक झोला लेकर राष्ट्र निर्माण के लिए निकल पड़े, न घर, न कारोबार, न व्यापार, केवल देश ही परिवार।
राजनैतिक जीवन :- लक्ष्यों के प्रति स्पष्टता
1- जब तक देश के अभावग्रस्त गरीब भाई-बहनों का विकास नहीं होगा तब तक देश आगे नहीं बढ़ेगा।
2- देश के गरीबों को राष्ट्र विकास में भागीदार बनाने के लिए उनकी शक्तियों का विकास करना होगा।
3- 130 करोड़ देशवासियों को देश की ताकत मानना, न कि उन्हें देश पर बोझ समझना ।
4- देश की ताकत हमारी युवा शक्ति, हमारे वैज्ञानिक, हमारे किसान, हमारी मजदूर शक्ति, हमारे कारीगर, हमारे फौजी, हमारे उद्यमी, हमारे व्यापारिक संस्थान हैं और इन सभी की क्षमताओं का विकास करते हुए देश का विकास करना ।
5- भारत की आत्मा, भारत की सांस्कृतिक विरासत में बसती है। इसका स्पष्ट बोध करते हुए उस सांस्कृतिक शक्ति को जागृत करते हुए देशवासियों का सम्बल बढ़ाना और राष्ट्रोत्थान करना।
6- गुलामी के सभी निशानों को हमें आगे नहीं बढ़ने देना है, ऐसी स्पष्टता अपने हृदय में रखते हुए एक-एक करके उन सभी गुलामी के चिन्हों को समाप्त करते हुए प्रेरणा देने वाले ऐतिहासिक मान बिन्दुओं का विकास करना ।
7- इतिहास हमें प्रेरणा देता है और इतिहास ही हमें डूबो सकता है। यह ज्ञान रखते हुए भारत के सही इतिहास को विश्व के सामने लाने का न केवल विचार अपितु उनका कार्यान्वयन करना ।
8- लॉर्ड मैकाले ने जो इतिहास को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जिसके कारण देशवासियों का आत्म-विश्वास डूब गया, उसे वास्तविक रूप में लाने का प्रयास करना ।
9- भारत के बिना विश्व का गुजारा नहीं है, इस बात को अच्छे से समझते हुए विश्व की महाशक्तियों का उपयोग भारत के हित में करने की क्षमता का विकास किया ।
10- भारत में उपलब्ध सभी संसाधनों का समुचित उपयोग तथा प्राकृतिक साधन, मानव क्षमता, बौधिक ज्ञान, विवेक आध्यात्म, भाषा-संस्कृति सभी का उपयोग एक साथ करते हुए देश का सर्वांगीण विकास हो ।
इस प्रकार बहुआयामी चिंतन एवं उन सभी पर कार्य करना, केवल मोदी जी द्वारा ही सम्भव ।