राज्य में मंगलवार रात को ग्लेशियर पिघलने और तीस्ता नदी में अचानक बाढ से जान-माल की हानि हुई है। अब तक 14 लोगों की जान गई है और सेना के जवानों सहित एक सौ से अधिक लोग लापता हैं। इस आपदा से 22 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की तीन टीम, सेना और वायुसेना कर्मी राहत और बचाव कार्य में राज्य सरकार की सहायता कर रहे हैं।
मौसम ठीक होने पर चुंगथांन से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम विमान से रवाना होंगी। विमान से ही आवश्यक वस्तुएं और अन्य आपूर्ति चुंगथांग, लाचेन और लाचुंग में वितरित की जाएंगी।
इस बीच कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में कल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में सिक्किम की स्थिति की समीक्षा की गई। इस वर्चुअल बैठक में मुख्य सचिव वी.बी पाठक भी शामिल हुए। श्री गौबा ने बताया कि चुंगथांग बांध की सुरंग में फंसे लोगों और पर्यटकों को निकालने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
सिक्किम के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान जारी है। त्रिशक्ति कोर के जवान उत्तरी सिक्किम में चुंगथांग, लाचुंग और लाचेन के क्षेत्रों में फंसे नागरिकों और पर्यटकों को चिकित्सा सहायता तथा टेलीफोन से संपर्क सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।
आकाशवाणी समाचार से बातचीत में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल – एनडीआरएफ की दूसरी बटालियन के कमांडेंट गुरमिंदर सिंह ने बताया कि लाचुंग के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान को और तेज करने के लिए जल्द ही अतिरिक्त जवानों को भेजा जाएगा।