बिहार में विवाहिता स्त्रियों का त्यौहार हरतालिका तीज आज पूरे श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाया जा रहा है। पारंपरिक साड़ी और परिधानों में महिलाएं समूह में भगवान शिव, देवी पार्वती और गणेश के बाल रुप की पूजा करती हैं। दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद महिलाएं पूजा करती हैं। इस अवसर पर कथा वाचन भी होता है। महिलाएं व्रत के माध्यम से अपने पति के दीर्घायु होने की कामना करती है और परिवार की खुशहाली के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगती हैं।
तीज को लेकर बाजारों में आज सुबह विशेष रौनक देखी गई। परिधानों की दुकान, मिठाई, पूजा सामग्री और फल की दुकान पर लोग खरीदारी करते देखे गए। इधर, कल भगवान गणेश का जन्म दिन गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जायेगा । गणेश चतुर्थी के पहले तीज का बहुत महत्व है ।
इधर, संपूर्ण मिथिलांचल में चौठ चंद्र पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। स्थानीय बोली में इसे चौरचन भी कहते हैं। इसमें धूमधाम से चांद की पूजा करने की प्रथा है। लोग चंद्रमा को भोग अर्पित करते हैं और आशीर्वाद मांगते हैं। कई तरह के पारंपरिक पकवान और मिठाई से भोग लगाया जाता है। वहीं इस क्षेत्र में आंगन में अरिपन यानी कच्चे चावल से सुंदर रंगोली बनाने का रिवाज है। दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सुपौल सहित मिथिलांचल के अन्य क्षेत्रों में घरों की रौनक देखते बन रही है।